वास्तु शास्त्र घर, फ्लैट, कार्यस्थल भवन ,मंदिर आदि के प्रांगन को शास्त्रों के अनुरूप तैयार करने का प्राचीन विज्ञान है, आजकल Maps के आधार पर आर्किटेक्चर डिजाइन दिखाकर हमें सुझाव देते हैं ।
Noida के Vastu consultant Sanjeev Kumar Markan के अनुसार प्राचीन काल में ज्योतिषी ही वास्तुकार या वास्तुविद् होते थे, जो Janamkundli आधार पर किस दिशा का भूखण्ड सुख, समृद्धि या अड़चने, परेशानी दे सकता है इस बात से हमें सचेत करते थे। केंद्र, त्रिकोण में बैठे ग्रहो के आधार से ही उस गृह में वास्तुशास्त्र के नियम लागू किये जाते थे।
अब शहरों में फ्लैट और सोसाइटी का युग है विचार करने की यह बात है कि एक ही भूखण्ड पर एक ही दिशा में अगर 30 मंजिल के घर बने हुए हो तो क्या उन सबके लिए एक जैसे ही वास्तु के नियम लगेंगे या एक दिशा में मुख्य द्वार होकर भी सब को अलग अलग वास्तु की लाभ-हानि भुगतनी होगी।
Noida के Vastu consultant Sanjeev Kumar Markan ji ने बताया कि माना कि एक 30 मंजिल टॉवर में सभी Flats की Main Enterence पूर्व दिशा में खुलती हैं तो क्या सभी मकान मालिकों को अच्छे positive experience life में मिलेगे या कुछ को Negative experience भी मिलेगे, अगर सबको एक जैसे results नहीं मिल रहे होंगे तब देखेंगे कि उनपर वास्तु शास्त्र के साथ साथ उनके जन्म कुंडली के benefic planets का भी 100% प्रभाव आ रहा होगा, क्योंकि एक Land के 30 owner हो गये हैं।
कोई East or North direction में रहकर सुखी जीवन या दुखी जीवन व्यतीत कर रहा होगा। उसे समझ नहीं आ रहा होगा कि इतनी अच्छी दिशा में रहकर भी problems- hurdles क्यों आ रहे हैं।
इसलिए किसी society में एक ही type की main enterence के Flats के भिन्न-भिन्न सभी मालिकों को अलग अलग तरह के प्रभाव पड़ते होंगे. Noida के Vastu Shastra
constant Sanjeev Kumar Markan Ji के according उन्हें अपने घरों की Energy अपनी Horoscope के 4th House के आधार पर Balance करवानी चाहिए